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AMBASSADOR’S ADDRESS FOR HINDI DIWAS- 18 SEPTEMBER

September 18, 2026

विशिष्ट अतिथियों, देवियों और सज्जनों,

आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

आज, हम हिंदी दिवस मना रहे हैं। 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। बाकू में आज हम हिंदी दिवस मना रहे हैं क्योंकि यहाँ शिक्षा सत्र की शुरुआत 15 सितंबर से होती है।

हिंदी केवल भारत की एक भाषा नहीं है। यह भारत की समृद्ध संस्कृति, साहित्य और विविधता की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है। कबीर, तुलसीदास, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा और दिनकर जैसे महान साहित्यकारों ने हिंदी को समृद्ध किया और अनेक पीढ़ियों को प्रभावित किया।

हिंदी की सुंदरता इसकी सहजता और अभिव्यक्ति की शक्ति में है। इसमें विचारों और भावनाओं को बहुत स्वाभाविक और प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया जा सकता है।

आज हिंदी विश्व की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषाओं में से एक है। भारत के बाहर भी हिंदी सीखने और समझने में रुचि बढ़ रही है। भारतीय सिनेमा, संगीत, साहित्य और अब डिजिटल माध्यमों ने हिंदी को दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचाया है।

हिंदी ने भारत के भीतर भी एक महत्वपूर्ण एकीकृत भूमिका निभाई है। अनेक भाषाओं और बोलियों वाले देश में यह विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के लोगों के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।

विदेशों में हिंदी का प्रसार केवल भाषा का प्रसार नहीं है। यह भारत की संस्कृति को समझने और भारत के साथ लोगों से लोगों के संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी है।

अज़रबैजान में हिंदी के प्रति बढ़ती रुचि हमारे लिए विशेष रूप से प्रसन्नता का विषय है। भारतीय फिल्मों, संगीत, योग और साहित्य ने दोनों देशों के लोगों के बीच एक विशेष सांस्कृतिक जुड़ाव बनाया है। आज हमारे बीच हिंदी कविता प्रस्तुत करने वाले अज़रबैजान के मित्रगण इस संबंध का सुंदर उदाहरण हैं।

मेरा मानना है कि भाषा की वास्तविक शक्ति केवल उसके बोलने वालों की संख्या में नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने की उसकी क्षमता में होती है। हिंदी ने इस भूमिका को भारत में भी और विश्व स्तर पर भी सफलतापूर्वक निभाया है।

आज के इस अवसर पर मैं हिंदी सीखने, सिखाने और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई देता हूँ और हमारे सभी प्रतिभागियों का विशेष धन्यवाद करता हूँ।

आइए, हिंदी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाएँ और इसे दुनिया के अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाएँ।

आप सभी को पुनः हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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